उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र में एक खूबसूरत स्थान है अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नैनीताल से लगभग 72 किलोमीटर और 2 घंटे का सफर तय कर आप अल्मोड़ा पहुँच सकते हैं। Almora अल्मोड़ा नगर से निक
कुमाऊँ के प्रवेश द्वार के नाम से जाना जाने वाला स्थान -हल्द्वानी से खूबसूरत अल्मोड़ा की सड़क यात्रा। इस विडियो में आप देखेंगे हल्द्वानी से कैसे हमने अपना सफर की शुरुआत की, हल्द्वानी के बस स्टे
लाहिड़ी महाशय के लिए उस समय तक रहस्मय संत ने अंग्रेजी में उत्तर दिया - The office is brought for you, and not you for the office (ऑफिस तुम्हारे लिए लाया गया हैं, तुम ऑफिस के लिए नहीं)
संक्रमित करने वाले वायरस की वैश्विक समस्या से बचने के लिए - खुद को isolate रख कैसे वक्त गुजारें, कामकाज के अभ्यस्त हो या हो सामाजिक जीवन में व्यस्त, उनके लिए दुविधा हैं कि टीवी देखने और सोशल
वैसे तो इस पवित्र शक्ति पीठ के दर्शन हेतु श्रद्धालु वर्ष भर आते रहते हैं। परन्तु चैत्र मास की नवरात्रियों से जून तक श्रद्धालुओं की अपार भीड दर्शनार्थ आती है। चैत्र मास की नवरात्रियों से दो म
कर्णप्रयाग, उत्तराखंड का एक प्रमुख ऐतिहासिक नगर है। उत्तराखंड के महत्त्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण All Weather Road का एक प्रमुख पढ़ाव भी है। जानिए कर्णप्रयाग के इतिहास, आकर्षण, कैसे यहाँ पहुचें
गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में मान्यता मिलना, उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम विकसित - पर्वतीय भूभाग के विकास के लिए अच्छी शुरुआत हो सकती हैं। आइये देखें कैसा हैं - गैरसैण।
अगर आपको लगता हैं, अपने देश की मुद्रा ज्यादातर देशों से कमजोर है, चाहते हैं,सस्ती जमीन खरीदना, तो जानिये इस देश को, यहाँ, सिर्फ ₹10,000 यहाँ की मुद्रा millionaire बना देंगी। साथ ही सिर्फ ₹ 5
ये है नानकमत्ता, आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व सन 1514 ईस्वी यहाँ गुरुनानक देव आए थे। आज हम Explore करेंगे इसी स्थान को। जानेंगे यहा आप कैसे आ सकते हैं, यहाँ का इतिहास, यहाँ का महत्व, यहाँ कौन स
छोलिया (या छलिया) उत्तराखंड के कुमायूँ क्षेत्र में प्रचलित एक प्रसिद्ध नृत्य शैली है। यह मूल रूप से एक विवाह के समय जाना वाला तलवार नृत्य है, जिसे कई अन्य कई शुभ अवसरों पर भी किया जाता है।
PopcornTrip Channel Introduction! कैसा हैं उत्तराखंड? वेल नोन या हो लेस एक्सप्लोरेड डेस्टिनेशनस यहाँ बर्फ के ढकी चोटियों के साथ, होते हैं - पाताल के भी दर्शन चार धाम से यात्रायें कैसे करें,
उखीमठ - चोपता मार्ग में उखीमठ से लगभग 4 किलोमीटर, और चोपता से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तिराहा, और इस तिराहे से 4 किलोमीटर दूर हैं - सारी विलेज।
चोपता नाम आते ही - प्रकृति प्रेमियों के ध्यान में आता हैं - खूबसूरत घास के मैदान, सुन्दर वनाच्छादित क्षेत्र, स्वास्थ्यप्रद आबोहवा, स्वच्छ, और शांत वातावरण.
चोपता नाम आते ही - प्रकृति प्रेमियों के ध्यान में आता हैं - खूबसूरत घास के मैदान, सुन्दर वनाच्छादित क्षेत्र, स्वास्थ्यप्रद आबोहवा, स्वच्छ, और शांत वातावरण. हिमालय और पहाड़ियों के साथ यहाँ प्र