शिमला की मॉल रोड की सैर करने, जो शिमला का सबसे बड़ा आकर्षण है। चमकदार रोशनी से सजी मॉल रोड, सजी हुई दुकाने, शोरूम, रैस्टौरेंट, bakery और साथ में जगमगाते ब्रिटिश टाइम के भवन जिनमे से कहीं पोस्ट ऑफिस, किसी में municipal भवन, पर्यटन सूचना केंद्र है।

मॉल रोड में घूमना बेहद रिफ्रेशिंग एहसास देता है। मॉल रोड में अति आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त सभी वाहनों का चलना प्रतिबंधित है। इसलिए पैदल सैर करने का आनंद और भी बड़ जाता है। मॉल रोड में कहीं किनारे लगी हिमांचली कल्चर दिखाती पेंटिंग और mural आर्ट, कहीं पानी की आवाज़ और फाउंटेन से गिरता पानी आकर्षित करता है। शाम के समय इनमे लगी रोशनिया वातावरण को और भी खुशनुमा रूप देते है। और शिमला में आने का सबसे खूबसूरत वजह यही लगती है।

मॉल रोड में है मध्य में यह स्थान – scandal पॉइंट – जहां से मॉल रोड का एक हिस्सा ऊपर की ओर रिज की तरफ जाता है। और मॉल रोड का  दूसरा हिस्सा कुछ आगे जाकर शिमला के लोअर बाज़ार, लिफ्ट और दूसरे हिस्सों को मॉल रोड जोड़ता है। हालांकि इस सड़क से थोड़ा आगे सीढ़ियों से ऊपर चद्कर पुनः रिज में पंहुच सकते है।

रिज की ओर चलते चलते जानते है – scandal पॉइंट का यह विचित्र नाम क्यों पड़ा। scandal पॉइंट से कुछ ही कदमों की दूरी पर है – दी रिज शिमला की मॉल रोड का सबसे ऊंचा पॉइंट। यहाँ ब्रिटिश टाइम का एक चर्च है। यहाँ शिमला का समर फस्टिवल के साथ समय समय पर कई एवेंट्स और concert होते है। यहाँ दर्शकों के बैठने के लिए भी स्थान है। तस्वीरें और सेलफ़ी लवर्स के लिए पूरी की पूरी मॉल रोड आकर्षक background का काम करती है। रिज भी सेलफ़ी लवर्स के लिए खास है। यहाँ से शिमला के आस पास की पहाड़ियाँ भी देखी जा सकती है। सुनसेट का भी आनंद लिया जा सकता है।

रिज में घुड़सवारी करने का भी आनंद ले सकते है। फूड और शॉपिंग लवर्स के लिए भी शिमला जन्नत है ही।  

शिमला शहर के मॉल रोड के निकटवर्ती कुछ आकर्षण इस map में स्पॉट सकते है।  कई स्थान scandal पॉइंट और रिज तो मॉल रोड का ही हिस्सा है, इसके अलावा जाखू मंदिर, हाइ कोर्ट, विधान सभा आदि। शहर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तो पहुँचना हो तो उसके लिए है सर्क्युलर रोड और शिमला शहर के बाहर – बाहर निकल जाना हो तो इसके लिए है – शिमला बाइपास रोड।

इसके साथ ही शिमला इस तरह से बसा है कि – ऊंची नीची सभी जगहों तक सब रोड्स है, जो अगल अलग जगहों को कनैक्ट करती है – शिमला की सड़कों से अपरिचित लोगों को उनमे ड्राइव करने में परेशानी हो सकती है। कई जगह वन वन वे है – कई जगह सड़क ढलान अथवा चड़ाई लिए बेहद संकरी। इसलिए अच्छा यह रहता है कि – अपने वाहन को पार्किंग में रख – एक जगह से दूसरी जगह पनहुचने के लिए स्थानीय टॅक्सी का उपयोग किया है।

अगले दिन किसी दूसरे होटल में रूम लेना चाहते थे तो सुबह victory tunnel के होटल से चेक आउट कर पैदल पहुचे – ओल्ड बस स्टॉप, जिस होटल में हम रुके थे वहाँ से यह 5 से 10 मिनट की वॉकिंग डिस्टन्स पर था। यहाँ वाहनों की पार्किंग भी है और कई होटेल्स भी है। लेकिन हमें यहाँ न  कोई वाहन पार्क करना था, ना ही किसी होटल में रूम लेना था,  यहाँ OLD बस स्टॉप के क्लॉक रूम में अपना समान रखना चाहते थे। वैसे रात्री विश्राम के लिए रूम हमने शिमला शहर से कुछ दूर बूक करा लिया था, जहां शाम को चेक इन करने वाले थे।

ओल्ड बस स्टॉप से बस द्वारा पँहुचे लिफ्ट के पास, यहाँ से मॉल रोड तक लिफ्ट से पंहुच सकते है। जो शिमला की मॉल रोड के एक किनारे रिज के नीचे की माल रोड में मिलती है।

मॉल रोड मे घूमने बाद टॅक्सी से जाखू मंदिर जो कि – शिमला की ऊंची पहाड़ी पर है। जहां चर्च के पीछे से जाती सड़क से 2-3 किमी का ट्रेक कर भी पंहुच सकते है। रिज में चर्च से पीछे की ओर जाती सड़क से कुछ 100-150 मिटर दूर से रोपेवे सुविधा भी है। 

जाखू मंदिर के बाद हम पँहुचे – संकटमोचन मंदिर जो शिमला से लगभग 7 किलोमीटर दूर, ISBT बस स्टॉप से लगभग 4.5 किलोमीटर है। 

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शिमला में बजट होटेल्स के रूम्स 800-900 से शुरू हो जाते है, जो शायद इंटरनेट पर सर्च कर न मिलें, और प्रीमियम होटल 15-20 हज़ार या उससे ऊपर भी जाते है। जो पर्यटक सीज़न में डिमांड के अनुसार जिनके रेंट कम या ज्यादा हो सकते है। कुछ होटेल्स हिमांचल टूरिज्म की वेबसाइट में देखें जा सकते है। 

शिमला के होटेल्स देखने के लिए क्लिक करें।(Thrid Party वेबसाइट)