रूपकुंड ट्रेक (नंदा राजजात यात्रा ) में जब देवीय शक्ति ने बचायी जान।
भूखे प्यासे, सार्ड रात में बारिश में कैसे गुजारी रात, सुनिए यह रोमाचंक कहानी।

कर्णप्रयाग, उत्तराखंड का एक प्रमुख ऐतिहासिक नगर है। उत्तराखंड के महत्त्वाकांक्षी और महत्वपूर्ण All Weather Road का एक प्रमुख पढ़ाव भी है। जानिए कर्णप्रयाग के इतिहास, आकर्षण, कैसे यहाँ पहुचें आदि के साथ ढेरों जानकारियाँ…

गैरसैण को ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में मान्यता मिलना, उत्तराखंड के अपेक्षाकृत कम विकसित – पर्वतीय भूभाग के विकास के लिए अच्छी शुरुआत हो सकती हैं। आइये देखें कैसा हैं – गैरसैण।

इस विडियो टूर मे हैं – उत्तराखंड के एक छोटे से हिल स्टेशन ग्वालदम से बधानगढ़ी मंदिर का ट्रेक, जानेंगे यहाँ कैसे जाते हैं।

उखीमठ – चोपता मार्ग में उखीमठ से लगभग 4 किलोमीटर, और चोपता से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तिराहा, और इस तिराहे से 4 किलोमीटर दूर  हैं – सारी विलेज।

भगवान तुंगनाथ जी की डोली – शीतकाल में तुंगनाथ के कपाट बंद होने के बाद मक्कु में लायी जाती है। और यहाँ के प्रसिद्ध मक्कुमठ में स्थापित की जाती है।

ट्रेक करने के बाद पहुंचे – चोटी में स्थित – चंद्रशिला, यहाँ से चारों ओर का खुला panoramic दृश्य। जहाँ से बस थोड़ा ही दूर आसमान, हिमालय सामने और बाकी सब नीचे, और यहाँ पर अपने जीवन के कुछ सबसे बेहतरीन पलों में से एक का आनंद उठाते लोग।

गंगोत्री गंगा नदी का उद्गम स्थल, समुद्र तल से 3042 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। उत्तराखंड के चार धाम में से दूसरा धाम, तीन अन्य धामों यमुनोत्री, केदारनाथ उयर बद्रीनाथ पर हम इस चैनल मे विडि यो बना चुके हैं, इस विडियो मे जानेंगे, गंगोत्री मंदिर के बारे मे, यहाँ कैसे पहुचे, कहाँ रुकें और यहाँ का मौसम, यहाँ आने का सही समय और देखेंगे यहाँ के कुछ सुंदर दृश्य!

उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों में से एक – यमुनोत्री यमुना नदी का उद्गम स्थल और देवी यमुना का वास स्थल है। यह भारत में उत्तराखंड राज्य में गढ़वाल मण्डल के उत्तरकाशी जनपद में हिमालय की गोद में, 3,291 मीटर (10,797 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है।