Chandigarh –  The city beautiful.  न सिर्फ भारत की सबसे खूबसूरत प्लैन्ड सिटी है, बल्कि दुनिया के कुछ सबसे खूबसूरत शहरों में गिना जाता है।

शहर के नाम पढ़ा यहाँ के मंदिर में माँ चंडीदेवी के नाम से। वैसे चंडीगढ़ का इतिहास बहुत पुराना माना जाता है – 8000 वर्ष पूर्व हड़प्पाकाल से, तब के मानवों के यहाँ रहने के वैज्ञानिक प्रमाण मिलते है।

लेकिन हम जिस चंडीगढ़ की सैर करेंगे, उसे भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू,  जो यूरोप के तत्कालीन आर्किटेक्चर से प्रभावित थे, और भारत की आजादी मिलने के बाद दुनिया को बताना चाहते थे कि – भारतीय शहर भी आधुनिक हो सकते है। इसी क्रम मे चंडीगढ़ को डिजाइनर सिटी बनाने के लिए फ़्रांस के प्रसिद्ध वास्तुकार और डिजाइनर ले कूरबुसीअर की सेवाये ली, 1960 में वर्तमान चंडीगढ़ की नीव पड़ी।

आज भी चंडीगढ़ क नए समय की जरूरतों और नई चुनौतियों के साथ चंडीगढ़  खूबसूरती को नया आयाम देने के लिए नई चीजें जुड़ती रहती है।

देश के दो राज्यों पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के केंद्र शासित प्रदेश हैं, चंडीगढ़ के निकट माँ चण्डिका देवी का मंदिर है, और उन्हीं के नाम से शहर को यह नाम मिला।

चंडीगढ़ को डिज़ाइन करते हुए सेक्टरस मे बांटा गया। चंडीगढ़ के सेक्टर १, जो चंडीगढ़ का शीर्ष भाग यानि हेड माना जाता है में है, सबसे अधिक greenery है यहाँ वाइल्ड लाइफ़ का आनंद भी लिया जा सकता हैं।

कैपिटल कॉम्प्लेक्स में चंडीगढ़ के स्प्रिट के प्रतीक – Open hand monument, – जो इस भावना के साथ बना है कि – देने के लिए और लेने के सदैव तैयार।

कैपिटल कॉम्प्लेक्स में – मेटल का बना ओपन हैंड 14 मीटर ऊंचा और 50 टन वजन का है। जमीन से इसकी ऊंचाई 25 मीटर है। यह हाथ के साथ, हवा की दिशा के साथ घूमता रहता है।

कैपिटल कॉम्प्लेक्स को यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर स्थलों में एक हैं। यहाँ Le Corbusier के अद्भुत वास्तु शिल्प को देखा जा सकता है। यहाँ तीन मुख्य भवन है। जो आमने सामने हैं।

  1. विधान सभा – यहाँ एक ही भवन के दो हिस्सों में पंजाब और हरियाणा की विधानसभा चलती है।
  2. यहाँ दोनों राज्यों के सचिवालय भवन हैं।
  3. उच्च न्यायालय में उच्च न्यायालय संग्रहालय है।

रॉक गार्डन 

चण्डीगढ़ का रॉक गार्डन 35 एकड़ में फैला है, यहाँ विभिन्न कलाकृतियाँ देखी जा सकती है।  दिलचस्प बात यह है – कि इसे पूरी तरह से घरेलू कचरे और अन्य औद्योगिक वस्तुओं के कचरे से बनाया गया है।

  1. यहाँ दिख रही मूर्तियों का निर्माण चूड़ियों, चीनी मिट्टी के बर्तनों, टाइलों, बोतलों और बिजली के कचरे जैसी वस्तुओं का उपयोग करके किया गया है। यहाँ गार्डन लैंडस्केप, वास्तुकला, मूर्तिकला और पौराणिक कथाओं का मिश्रण है। रॉक गार्डन के स्थापना  नेक चन्द जी ने 1957 में अपने खाली समय में गुप्त रूप से, इस गार्डन का निर्माण शुरू किया था। गार्डन की संरचना लॉस्ट किंगडम की कल्पना पर आधारित है। इसमें प्रांगण की तरह 14 अलग-अलग कक्ष हैं। तीज पर्व में रॉक गार्डन उत्सव का रूप धारण कर लेता है और यह पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण रखता है।

सुखना लेक

सुखना झील एक 3 वर्ग किमी की वर्षा आधारित कृत्रिम झील है, जिसे 1958 में शिवालिक पहाड़ियों से नीचे आने वाली मौसमी धारा सुखना चो को रोककर बनाया गया था।  शीत काल के समय सूखना झील कई विदेशी प्रवासी पक्षियों जैसे – साइबेरियाई बत्तख, सारस के लिए एक अभयारण्य है। सुखना झील, एशिया में चापू वाली नौका विहार और नौकायन कार्यक्रमों के लिए सबसे लंबी वाहिका/चैनल है।

रोज़ गार्डन

रोज़ गार्डन या जाकिर रोज़ गार्डन का नाम पूर्व राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के नाम पर रखा गया है, इस सुंदर गार्डन को 1967 में तैयार किया गया था। यह पार्क 10 acer में फ़ैला हैं और यहाँ गुलाब के पुष्प की 1600 से अधिक प्रजातियाँ के साथ ३२५०० से अधिक पेड़ों और औषधिक पौधे हैं। जिनमे से कई दुर्लभ प्रजातियाँ हैं। यहाँ विज़िटर्ज़ के लिए जॉगिंग ट्रेक भी है। इस पार्क में फ़ुरसत के समय बैठ कर अच्छा वक्त बिताया जा सकता है।

चंडीगढ़ बर्ड पार्क को चंडीगढ़ फॉरेस्ट के देख रेख में, सुखना झील के समीप वन्य क्षेत्र में पक्षी संसार से परिचित होने तथा इनके संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए विकसित किया है। 16 नवंबर, 2021 को चंडीगढ़ बर्ड पार्क का उद्घाटन किया गया।

बर्ड पार्क

पक्षियों और विजिटर्स के बीच मे कोई दीवार या जाल नहीं हैं – इसलिए एकदम सामने से पक्षियों को देखने का अनुभव अद्भुत हैं। यहाँ पंछियों को उड़ान के साथ जमीन मे विचरण के लिए इस तरह से स्थान उपलब्ध कराया गया हैं कि – विजिटर्स के आने के बाद भी उन्हें पर्याप्त निजी स्थान मिले। ऐसा माना जाता है कि यह संरचना पक्षियों के पार्क के रूप में देश की सबसे ऊंची संरचना हैं।

इस पार्क के मुख्य आकर्षण अफ्रीकी लव बर्ड्स, बुडगेरिगर, व्हाइट स्वान, ब्लैक स्वान, वुड डक, गोल्डन तीतर, येलो गोल्डन तीतर, ग्रीन विंग मैकॉ, डन कॉनर्स, अफ्रीकी ग्रे तोता, फिंच और मेलानिस्टिक तीतर हैं।  चंडीगढ़ बर्ड पार्क में जलीय, स्थलीय और टैमड सहित विभिन्न विदेशी पक्षी प्रजातियां हैं।

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सैक्टर 17

सैक्टर 17 या शहर के केन्द्र की वजह से केन्द्रीय स्थान और वाणिज्यिक केन्द्र होने के अपने महत्त्वपूर्ण कार्य से, ल कार्बूज़िये द्वारा नगर के दिल के रूप में माना जाता था। नगर के केन्द्र में 240 एकड़ के क्षेत्र को अधिकृत करता, एक केन्द्रीय चौक या पियाज़ा है जो किसी भी वाहन यातायात से मुक्त है जो आदर्श रूप से सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य उत्सव मण्डलों के लिए अनुकूल है जो भारतीय जीवन पद्धति के लिए बहुत महत्त्वपूर्ण हैं। शहरी केन्द्र शहर का महान बाहरी शहरी स्थान है और पूरे परिवार के लिए खरीदारी, भोजन और मनोरञ्जन के लिए कई विकल्प प्रदान करता है। ई कार्ट को हाल ही में आगन्तुकों की आसानी के लिए जोड़ा गया है।

चंडीगढ़ के कुछ होटेल्स/ गेस्ट हाउस

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