From festivals in Florida to touring Dracula’s digs in Romania, we round up the best destinations to visit this October. As summer abandons Europe again this October, eke out the last of the rays and raves in Ibiza, where nightclubs will be going out with a bang for the winter break. When the party finally stops head to the island’s north.

मुक्तेश्वर की प्राकृतिक खूबसूरती, उत्तराखंड का हिल स्टेशन

अगर आप पहाड़ों की गोद में बसे शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन की तलाश कर रहे हैं, तो उत्तराखंड का मुक्तेश्वर आपके लिए बेहतरीन विकल्प है। समुद्र तल से 2286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित मुक्तेश्वर न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना है बल्कि आध्यात्मिक और साहसिक पर्यटन के लिए भी मशहूर है।

मुक्तेश्वर का इतिहास और नामकरण

मुक्तेश्वर का नाम यहां स्थित प्राचीन भगवान शिव के मंदिर से पड़ा है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 350 साल पहले हुआ था। कुछ किंवदंतियों के अनुसार, पांडवों ने अपने वनवास के दौरान भी इसी मंदिर में भगवान शिव की पूजा-अर्चना की थी।

मुक्तेश्वर घूमने का सबसे अच्छा समय

मुक्तेश्वर में सबसे अधिक पर्यटक गर्मियों में यानी मार्च से जून में आते है। इस दौरान यहाँ का मौसम खुशनुमा रहता है, दिन में हल्की गर्मी और शाम को हल्की ठंड पड़ती है। पहाड़ों पर हरियाली छा जाती है और इस समय बगीचों में पेड़ों सीजनल फलों से भरे होते है, जो दृश्यों को मनमोहक बना देते हैं।

हालांकि, अगर आप ठंड का आनंद लेना पसंद करते हैं, तो सितंबर से नवंबर का महीना भी मुक्तेश्वर घूमने का अच्छा समय है। इस दौरान पहाड़ों पर कोहरा छाया रहता है और वातावरण काफी ठंडा हो जाता है। बरसात भी हरियाली के साथ कोहरे का भी आनंद लेने के लिए अद्भुत समय है।

मुक्तेश्वर तक कैसे पहुंचे?

मुक्तेश्वर तक पहुंचने के लिए सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो भटेलिया, थानाचूली, भीमताल होते हुए लगभग 56 किलोमीटर दूर स्थित है। काठगोदाम से आप टैक्सी या बस द्वारा मुक्तेश्वर पहुंच सकते हैं। निकटतम हवाई अड्डा पंतनगर है, जो मुक्तेश्वर से 90 किलोमीटर दूर है। हवाई अड्डे से भी आप टैक्सी या बस लेकर मुक्तेश्वर पहुंच सकते हैं।

अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा करना पसंद करते हैं, तो मुक्तेश्वर अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से भी आप सीधे तौर पर सड़क मार्ग से मुक्तेश्वर पहुंच सकते हैं।

मुक्तेश्वर में घूमने के लिए प्रमुख स्थान

  • मुक्तेश्वर महादेव मंदिर: यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और मुक्तेश्वर के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। मंदिर तक पहुंचने के लिए आप प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं।

  • चौली की जाली: रोमांच पसंद यात्रियों के लिए चौली की जाली एकदम सही जगह है। यह स्थान रॉक क्लाइम्बिंग के लिए प्रसिद्ध है। यहां की ऊंची चट्टानें और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता रोमांचक चढ़ाई का अनुभव कराती हैं।
  • भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई): पशु चिकित्सा के क्षेत्र में रुचि रखने वालों के लिए यह संस्थान घूमने लायक जगह है। यहां आप पशुओं से संबंधित शोध कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

  • भालूगाड़ वाटरफॉल: घने जंगल के बीच बहता हुआ भालूगाड़ वाटरफॉल मुक्तेश्वर की प्राकृतिक खूबसूरती का एक अनोखा नजारा है। यह झरना मानसून के बाद सबसे अधिक जलवाही होता है और इसकी रमणीयता देखते ही बनती है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको हल्की ट्रैकिंग करनी पड़ सकती है, लेकिन शांत वातावरण और झरने की कलकल धारा यात्रा की सारी थकान मिटा देगी।

  • शीतला: शीतला मुक्तेश्वर से 13 किलोमीटर दूर स्थित एक खूबसूरत पर्यटन स्थल है। यहां का शांत वातावरण और चारों ओर फैले देवदार (Cedar) के वृक्ष मन को मोह लेते हैं। सीताला में आप पिकनिक मनाने के साथ-साथ आसपास के खेतों और गांवों की सैर भी कर सकते हैं।

मुक्तेश्वर में रोमांचकारी गतिविधियां

मुक्तेश्वर न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का खजाना है बल्कि रोमांचकारी गतिविधियों के लिए भी प्रसिद्ध है। ट्रैकिंग, कैम्पिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और रैपलिंग जैसी एडवेंचर गतिविधियां मुक्तेश्वर में आसानी से की जा सकती हैं। यहां कई ट्रैवल एजेंसियां हैं जो इन गतिविधियों को कराने का इंतजाम करती हैं।

मुक्तेश्वर में रहने की व्यवस्था

मुक्तेश्वर में पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार के होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। बजट के अनुसार आप लक्जरी होटल से लेकर साधारण गेस्ट हाउस तक चुन सकते हैं। कुछ होटल पहाड़ों के मनोरम दृश्य भी प्रदान करते हैं।

मुक्तेश्वर की खास बातें

मुक्तेश्वर से लौटते समय आप यहां की कुछ खास चीजों को यादगार के तौर पर साथ ले जा सकते हैं।

  • रोडोडेंड्रोन का जूस का कॉन्संट्रेट: मुक्तेश्वर में रोडोडेंड्रोन के फूलों से बनने वाला जूस का कॉन्संट्रेट काफी प्रसिद्ध है। यह जूस न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है।

  • हस्तशिल्प की वस्तुएं: स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाई गई हस्तशिल्प की वस्तुएं, जैसे ऊनी कपड़े, लकड़ी की नक्काशीदार चीजें और पहाड़ी शैली के चित्र यहां मिलने वाले खास उपहार हैं।

  • जड़ी-बूटीयां: मुक्तेश्वर में कई तरह की जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। आप इन जड़ी-बूटियों को आयुर्वेदिक दवाओं की दुकानों से खरीद सकते हैं।

मुक्तेश्वर की मनमोहक वादियां, शांत वातावरण और रोमांचकारी गतिविधियां आपको पहाड़ों के बीच एक यादगार छुट्टी का अनुभव देंगी।