start exploring

भगवान राम के मार्ग पर चलना हो, तो चित्रकूट से उपयुक्त कौन सा स्थान होगा!
 आइए जानें चित्रकूट को। 

Chitrakoot 

चित्रकूट में प्रभु राम ने अपने बनवास के लगभग 12 वर्ष का समय बिताया  

चित्रकूट - महाकवि तुलसीदास जी की जन्म स्थली भी है, और यहीं उन्होंने  महाकाव्य रामचरित मानस की रचना की। 

चित्रकूट का सबसे प्रसिद्द स्थल है - रामघाट, जहां प्रभु श्री राम नित्य स्नान के लिए आते थे। 

साँझ के समय यहाँ रामघाट में चलती नौका और विभिन्न रंगों की  रोशनियों से घाट का वातावरण चित्ताकर्षक हो जाता है। 

रामघाट में मत्यगजेंद्र नाथ सहित कई अत्यंत पवित्र मंदिर है। जहां श्रदालु शीश झुकाने आते है। 

भगवान मत्यगजेंद्र से ही प्रभु श्री राम ने चित्रकूट क्षेत्र में रहने की अनुमति ली थी। 

प्रभु राम चित्रकूट प्रवास के दौरान निकट में स्थित कामदगिरी पर्वत में रहे थे।

कामदगिरी परिक्रमा को भक्त नंगे पाँव करते है, 4-5 किमी के परिक्रमा मार्ग में अनेकों मंदिर है। 

मान्यता है कि कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा से समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। 

चित्रकूट उत्तर प्रदेश का एक ज़िला है, जो पूर्व में बाँदा ज़िले का हिस्सा था। चित्रकूट तीर्थ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा में है। 

चित्रकूट धाम कहाँ हैं, कैसे आए, कब आएँ? और कामदगिरी परिक्रमा सहित यहाँ के दर्शनीय स्थल देखने के लिए नीचे दिए video लिंक पर क्लिक करें। 

Click Here