LAOS

क्या हो जब इस पड़ोसी देश में जाकर महज़ 500 भारतीय रुपए आपको लखपति बना दें!
और यहाँ जाने के लिए पहले से visa लेने की ज़रूरत नहीं है।

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आज अपने देश कहीं प्रॉपर्टी ख़रीदने जाते है, तो लगता है काश 10-20 साल पहले ख़रीद ली होती!

यहाँ एक हेक्टेयर ज़मीन लेते हुए ऐसा लगेगा, ये तो 20-30 साल से भी पुरानी क़ीमत है।

ऐसा ही एक छोटा सा देश दक्षिण एशिया है
लाओस
भारत से लगभग 2500 किमी।
इस देश की सीमाएँ : वियतनाम, थाईलैंड, कमबोडिया और मयनमार से घिरी है।

लाओस की करेन्सी लाओ कीप कहलाती है। अभी एक भारतीय रुपए का मूल्य लगभग 200 लाओ कीप है।
यानि आप अपने एक हज़ार भारतीय रुपए से बदलें तो 2 लाख से भी ज़्यादा

लाओ अथवा लाओस में भारतीयों को वीज़ा ऑन अराइवल की सुविधा है, जो लाओ पहुचने के बाद airport में मिल जाती है।
जिसमें एक महीने तक लाओ में रुका जा सकता है।

लाओस एक गरीब कॉम्युनिस्ट देश है, लेकिन प्राकृतिक रूप से सम्पन्न। यहाँ घूमते हुए लगता है मानो सन 70-80 के फ़िल्मों में दिखने वाले इंडिया में घूम रहें है। 

कुछ पर्यटक स्थानों और शहरों को छोड़ कर ज़्यादातर जीवन ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है।  और लोग कृषि  पर निर्भर है।

लाओ फ़्रान्स के अधीन रहा तो यहाँ कई फ़्रेंच आर्किटेक्चर देखे जा सकता है।
यहाँ ज़्यादातर यूरोप से पर्यटक आते है।

लाओ की आधिकारिक भाषा - laotian हैं, जो पड़ोसी देश थाईलैंड में बोले जाने वाली भाषा थाई से मिलती है।
यहाँ जगह जगह बौध संत और मठ देखे जा सकते है। 

 यहाँ भारतीय भी प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते है। इसके लिए किसी लाओ के नागरिक के साथ partnership कर पार्ट्नर्शिप डीड बना कर निवेश किया जा सकता है।

घूमने के लिए और कुछ नया देखना हो तो यह एक बेहतरीन देश है। हम अपनी यात्रा के दौरान लगभग एक महीने लाओस के लुआंग प्रबांग शहर में रुके थे।

लाओस के बारें में हमारे रोचक अनुभव और अधिक जानने/ देखने के लिए क्लिक करें।

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