Almora, Uttarakhand

कई बातें जो दुनिया मे कहीं और देखने - जानने को नहीं मिलेंगी, वो अल्मोडा की पहाड़ियों में आकर ही महसूस की जा सकती है।

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अल्मोडा की पटाल बाज़ार, कोटा के पत्थरों से बनी है, इस दो किमी लंबी बाज़ार में पटाल में पैदल चलते हुए सैर करने का आनंद यहीं आकर समझा जा सकता है।

अल्मोडा में कैंट, विवेकानंद कॉर्नर/ ब्राइट एंड कॉर्नर, कसारदेवी, पपरसैली, डयोलि डाना जैसी प्रकृति से घिरे स्थान सैर करने के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं।

हिमालय की मनमोहक सुन्दरता, उसकी प्राणदायी जलवायु और सुकून देने वाली हरियाली, जो आपको इस तरह से घेर लेती है, कि फिर उससे अधिक कुछ चाह नहीं रहती. मैं  सोचता हूँ -  कि इन पहाड़ियों का सौन्दर्य दुनिया के किसी भी सुन्दर स्थान से से अधिक  है या उनके बराबर हैं... अल्मोड़ा की पहाड़ियों में लगभग 3 सप्ताह बिताने के बाद मुझे अतिशय आश्चर्य है कि – हमारे लोगों को अच्छे स्वास्थ्य की तलाश के लिए यूरोप क्यों जाते है! 

स्वामी विवेकानंद, महावतार बाबा, लाहड़ी महाशय, परमहंस योगानन्दमहात्मा गांधी, रवीन्द्रनाथ टैगोर सहित अनेकों भारतीय संत, आमजन और विदेशियों ने यहाँ की पहाड़ियों मे अपना समय बिता -  अपने - अपने समय मे यहाँ की ऊर्जा और शांति से प्रभावित और प्रेरित हो चुके है। 

अल्मोड़ा मे देखने को मिलता है   -   आधुनिकता और परंपरा का संगम। बुद्धिमता और सरलता का मिश्रण।

अल्मोडा में सातवीं सदी में, कत्युर वंश का शासन था। फिर पन्द्रहवीं सदीं से राज किया आया चंद वंश ने, फिर गोरखा आए और फिर अंग्रेजों का शासन रहा, इन सबके बनाएँ अनेकों एतिहासिक इमारतें, महल, मंदिर, जलस्रोत आज भी अल्मोडा में देखे जा सकते है।

अल्मोडा में चितई गोलू देव, कसार देवी, नंदा देवी, बिंसर महादेव सहित अनेकों धार्मिक स्थल दुनिया भर में विख्यात है। कसार देवी मंदिर में एलन बेल्ट से निकलने वाली ऊर्जा का प्रभाव नासा के वैज्ञानिक भी मान चुके है।

अल्मोडा कहाँ है, यहाँ क्या देखें, कहाँ रुकें, कैसे पहुंचे, कब आएँ और यहाँ की दिलचप्स जानकारियों के लिए देखें video

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