उत्तराखंड में हर जगह का मौसम एक जैसा नहीं होता। ऋषिकेश, हरिद्वार और देहरादून को ऊँचे पहाड़ी नगरों जितना ठंडा मानकर न चुनें। नीचे के दस स्थानों में से अपनी रुचि, मौसम और उपलब्ध समय के अनुसार योजना बनाएँ।

1. नैनीताल

नैनी झील, बाजार और आसपास के दृश्य यहाँ की मुख्य पहचान हैं। नौकायन या रोपवे का कार्यक्रम वर्तमान उपलब्धता तथा मौसम देखकर रखें।

2. मसूरी

मॉल रोड, गन हिल और केम्प्टी क्षेत्र की सैर के लिए समय बाँटें। भीड़ वाले दिनों में पार्किंग तथा सड़क यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें।

3. ऋषिकेश

गंगा-किनारे के आश्रम, योग और ध्यान से जुड़ा वातावरण यहाँ का अलग अनुभव है। साहसिक गतिविधियों के लिए अधिकृत संचालक, मौसम और अपनी उपयुक्तता की जानकारी लें।

4. हरिद्वार

हर की पौड़ी की आरती तथा मनसा देवी और चंडी देवी जैसे मंदिर धार्मिक यात्रा के प्रमुख केंद्र हैं। गर्मी, भीड़ और स्थानीय व्यवस्था का ध्यान रखें।

5. देहरादून

रॉबर्स केव, सहस्रधारा और मिंड्रोलिंग मठ जैसे पड़ाव शहर की अलग-अलग झलक देते हैं। सब स्थानों को एक ही दिन में समेटने की जल्दबाजी न करें।

6. औली

औली का अनुभव मौसम के साथ बदलता है। गर्मियों में आसपास की ढलान और पहाड़ी दृश्य देखने को मिलते हैं। बर्फ, स्कीइंग या रोपवे की उपलब्धता पहले सुनिश्चित करें।

7. अल्मोड़ा

पुराने बाजार, नंदा देवी मंदिर, चितई और आसपास की पैदल सैर यहाँ की सांस्कृतिक पहचान से परिचय कराते हैं।

8. लैंसडाउन

जंगल, टिप-इन-टॉप, भुल्ला ताल और पुरानी इमारतें यहाँ की सैर के अलग पहलू हैं। प्रवेश और गतिविधियों की स्थानीय व्यवस्था पहले देखें।

9. पिथौरागढ़

सोर घाटी, नगर का किला और चंडाक की ओर के रास्ते यात्रा के विकल्प हैं। अस्कोट जैसे दूर के पड़ाव के लिए अलग समय रखें।

10. रानीखेत

चीड़-बाँज का परिवेश, झूला देवी और चौबटिया की दिशा में सैर रानीखेत के अनुभव का हिस्सा हैं। शांत ठहराव चाहें तो होटल का वास्तविक स्थान भी देखें।

इनमें से कुछ स्थान चुनकर समय दें। गतिविधियों की पुरानी सूची को आज उपलब्ध सेवा की गारंटी न समझें।