भगवान तुंगनाथ जी की डोली – शीतकाल में तुंगनाथ के कपाट बंद होने के बाद मक्कु में लायी जाती है। और यहाँ के प्रसिद्ध मक्कुमठ में स्थापित की जाती है।

ट्रेक करने के बाद पहुंचे – चोटी में स्थित – चंद्रशिला, यहाँ से चारों ओर का खुला panoramic दृश्य। जहाँ से बस थोड़ा ही दूर आसमान, हिमालय सामने और बाकी सब नीचे, और यहाँ पर अपने जीवन के कुछ सबसे बेहतरीन पलों में से एक का आनंद उठाते लोग।

चोपता नाम आते ही – प्रकृति प्रेमियों के ध्यान में आता हैं – खूबसूरत घास के मैदान, सुन्दर वनाच्छादित क्षेत्र, स्वास्थ्यप्रद आबोहवा, स्वच्छ, और शांत वातावरण.

हिमालय और पहाड़ियों के साथ यहाँ प्रकृति के अतुलनीय इस रूप, जैसे यहाँ ईश्वर ने कुछ अपने सबसे खूबूसरत चित्रों को यहाँ रख दिया हो,.

पाताल भुवनेश्वर देवदार के घने जंगलों के बीच अनेक भूमिगत गुफ़ाओं का समूह है | जिसमें से एक बड़ी गुफ़ा के अंदर शंकर जी का मंदिर स्थापित है । 2007 से यह गुफा मंदिर – भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा सरंक्षित हैं।

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गंगोत्री गंगा नदी का उद्गम स्थल, समुद्र तल से 3042 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। उत्तराखंड के चार धाम में से दूसरा धाम, तीन अन्य धामों यमुनोत्री, केदारनाथ उयर बद्रीनाथ पर हम इस चैनल मे विडि यो बना चुके हैं, इस विडियो मे जानेंगे, गंगोत्री मंदिर के बारे मे, यहाँ कैसे पहुचे, कहाँ रुकें और यहाँ का मौसम, यहाँ आने का सही समय और देखेंगे यहाँ के कुछ सुंदर दृश्य!

उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों में से एक – यमुनोत्री यमुना नदी का उद्गम स्थल और देवी यमुना का वास स्थल है। यह भारत में उत्तराखंड राज्य में गढ़वाल मण्डल के उत्तरकाशी जनपद में हिमालय की गोद में, 3,291 मीटर (10,797 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है।

हरे भरे जंगल और पहड़ियों से घिरा सुंदर और शांत स्थल हैं नौकुचियाताल।

नौकुचियाताल प्रकृतिक रूप से बेहद सुंदर जगह हैं, अपनी सुरम्यता के साथ यह जगह जानी जाती हैं, यहाँ फ़न और adventure की कई एक्टिविटीज करते हुए यादगार समय बिताया जा सकता हैं।

ताजमहल के सामने बने  विशाल गेट से –  प्रवेश कर – सामने सफ़ेद  इमारत देखते ही आप दुनिया  के उन कुछ लोगो में शुमार हो  जाते हैं – जिन्होंने बेमिसाल ताज  का दीदार किया है।

नैनीताल की खूबुसरती को सबसे पहले दुनिया से परिचित कराने और नैनीताल को बसाने का श्रेय अंग्रेज़ यात्री, लेखक और व्यापारी पी बैरन को जाता हैं, वे अपनी यात्राओं अनुभव से जुड़े लेख विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में पिल्ग्रिम नाम से भेजा करते थे।

नैनीताल मे प्रवेश करते ही पहले टॅक्सी स्टैंड हैं, और इसके बाद नज़र आता है – रोडवेज़ का बस स्टॉप। जो तल्लीताल मे हैं, यहाँ कुछ होटेल्स भी हैं।

इसके बाद नैनीताल शहर में फोर व्हीलेर्स के प्रवेश के लिए के lake ब्रिज का शुल्क तल्लीताल चेक पॉइंट मे लिया जाता हैं, 2 व्हीलेर्स के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाता।

कार अथवा टॅक्सी से शहर में जाने के लिए टोल मूल्य देना होता है, जो मॉल रोड से एक बार गुजरने के लिए ही मान्य है। टोल शुल्क स्क्रीन मे देखा जा सकता हैं।




यहाँ से नैनीताल की मॉल रोड शुरू होती हैं जो मल्लीताल तक जाती हैं।, टोल ब्रिज के बाद माल रोड के 2 रोड्स मे बट जाती हैं, जो 2 अलग अलग elevavation में है – लोअर मॉल रोड, और अपर मॉल रोड, लोअर मॉल रोड, जो lake की ओर हैं, से wahan तल्लीताल से मल्लीताल की ओर और upar मॉल रोड से मल्लीताल से तल्लीताल की ओर आते हैं।

ये दोनों रोड्स, मल्लीताल में, फिर आपस मे मिल जाती हैं।



Nainital main टुरिस्ट सीज़न में upar मॉल रोड शाम 6 बजे के 8 बजे तक माल रोड मे वाहनों की आवाजाही बंद रहती हैं, इस रोड मे चलते हुए, एक तरफ झील और दूसरी ओर नैनीताल के होटेल्स, restaurants और शौरूम्स हैं। इस समय रोशनी से नहाएँ क्बुसूरत नैनीताल शहर, और ताल के किनारे मॉल रोड में घूमना – ये वो बात हैं, जो सैलानीयों की मधुर स्मृतियों मे हमेशा के लिए बस जाती।

नैनीताल, उत्तराखंड का एक लोकप्रिय पर्यटक स्थल, जहां हर किसी के लिये कुछ न कुछ अवश्य है। मॉल रोड में चलते हुए झील का बेजोड़ दृश्य, हिमालय दर्शन करने वालों के लिए उपयुक्त स्थान होने के साथ साथ, आप यहाँ ब्रिटिश कालीन कुछ निर्माण भी देख सकते हैं। चिड़ियाघर में अनेकों पक्षियों के साथ साथ बाघ, भालू, तेदवें, काकड़, घुरड़ आदि कई पशु देख सकते हैं। खान पान के लिए यहाँ हर taste के लोगों के लिए कुछ न कुछ जरूर है। नैना देवी मंदिर, हनुमानगढी मंदिर, Rope-way, Parking, Snow view Point, Mall Road, सहित कई अन्य आकर्षणों को जानने के लिए देखें ये विडियो –