Baba Neem Karoli Temple, Kainchi Dham

Baba Neem Karoli Temple, Kainchi Dham

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कैंची धाम, बाबा नीम करोली मंदिर, Baba Neem Karoli Temple, Kainchi Dham
This divine place visited by hundreds of thousands of devotees every year around the world.

If you are intending to visit Kainchi Dham, you can write a letter requesting to stay and send it along with a reference note from an older devotee and a recent photo of yourself to the Kainchi Ashram Manager at
kainchidham@gmail.com
Generally devotees are allowed to stay for a maximum of three nights.
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Website links to know more about Baba Neem Karoli Maharaj
https://goo.gl/NrxeEW

विभिन्न पर्यटक स्थलों और यात्राओं से जुडी जानकारी। और ये जानकारी आपको सहायता करेगी इन स्थानों में जाने से पहले क्या तैयारियां की जाएँ, कैसे पंहुचा जाए, और वहां के मुख्य आकर्षण। इसलिए अलग अलग स्थानों से जुडी रोचक जानकारियों से अपडेट रहने हेतु हो सके तो PopcornTrip YouTube चैनल subscribe करें।


उत्तराखंड में नैनीताल जिले में कैंची नाम की जगह में हैं बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम आश्रम, नैनीताल से 20 किलोमीटर दूर नैनीताल-अलमोड़ा रोड़ पर समुद्र तल से 1400 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। बाबा नीम करोली आश्रम में हर वर्ष लाखो श्रृदालु आते हैं, और बाबा जी का आशीर्वाद पाते हैं बाबा सशरीर अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन ईश्वरीय अवतार थे, ईश्वर कभी मरते नहीं, उनकी करुणा, दया और आशीर्वाद अब भी शृदालुओ पर बरसता हैं, बाबा नीम करोली महाराज हनुमान जी के अवतार कहे जाते हैं.

क्षिप्रा नाम की छोटी पहाड़ी नदी के किनारे सन् 1962 में कैंचीधाम की स्थापना हुई। यहां दो घुमावदार मोड़ है जो कि कैंची के आकार के हैं इसलिए इसे कैंचीधाम आश्रम कहते हैं। कैंची मंदिर परिसर रोड से लगा हैं, मंदिर के निकट सड़क के किनारे गाड़ियों के खड़े करने के लिए पार्किंग हैं, एकदम व्यस्त सीजन न हो तो आमतौर पर गाड़िया पार्क करने के लिए जगह मिल जाती हैं। मंदिर और आश्रम परिसर में श्रृदालु शीतकाल में नवंबर से मार्च तक सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक और शेष वर्ष सुबह 6 से सायं 7 बजे तक किये जा सकते हैं.

Baba ke दो प्रमुख आश्रम हैं, एक वृन्दावन और दूसरा कैंची में. Babaji Neeb karoli ji ko – baba lakshman das naam se bhi jana jaata hain.

नीम करोली बाबा का कैंची धाम आश्रम नैनीताल से 20 किलोमीटर दूर नैनीताल-अलमोड़ा रोड़ पर समुद्र तल से 1400 मीटर ऊंचाई पर स्थित है। क्षिप्रा नाम की छोटी पहाड़ी नदी के किनारे सन् 1962 में कैंचीधाम की स्थापना हुई। यहां दो घुमावदार मोड़ है जो कि कैंची के आकार के हैं इसलिए इसे कैंचीधाम आश्रम कहते हैं। नीम करौली बाबा को इस आश्रम में आने के बाद lok karyan ke lie kie gaye unke karyo se desh videsh mai khayati mili ……

Neeb karoli baba se judi kuch kahaniya kafi prasidh hai:
Kanchi धाम में आयोजित भंडारे में घी की कमी पड़ गई थी। बाबा जी के आदेश पर नीचे बहती नदी से कनस्तर में जल भरकर लाया गया। उसे प्रसाद बनाने हेतु जब उपयोग में लाया गया तो वह जल घी में बदल गया।

बात बहुत पुरानी है। अपनी मस्ती में एक युवा योगी लक्ष्मण दास हाथ में चिमटा और कमंडल लिये फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) से टूण्डला जा रही रेल के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में चढ़ गए। गाड़ी कुछ दूर ही चली थी कि एक ऐंग्लो इण्डियन टिकट निरीक्षक वहां आया। उसने बहुत कम कपड़े पहने, अस्त-व्यस्त बाल वाले बिना टिकट योगी को देखा, तो क्रोधित होकर upsbad kahne lga । योगी अपनी मस्ती में चूर था। अतः वह चुप रहा।

कुछ देर बाद गाड़ी नीब करौरी नामक छोटे स्टेशन पर रूकी। टिकट निरीक्षक ने उसे अपमानित करते हुए उतार दिया। योगी ने वहीं अपना चिमटा गाड़ दिया और शांत भाव से बैठ गया। गार्ड ने झण्डी हिलाई, पर गाड़ी बढ़ी ही नहीं। पूरी भाप देने पर पहिये अपने स्थान पर ही घूम गये। इज्जन की जांच की गयी, तो वह एकदम ठीक था। कुछ यात्रियों ने टिकट निरीक्षक से कहा कि बाबा को चढ़ा लो, तब शायद गाड़ी चल पड़े।

मरता क्या न करता, उसने बाबा से क्षमा मांगी और गाड़ी में बैठने का अनुरोध किया। बाबा बोले- चलो तुम कहते हो, तो बैठ जाते हैं। उनके बैठते ही गाड़ी चल दी। इस घटना से वह योगी और नीबकरौरी गांव प्रसिद्ध हो गया। बाबा आगे चलकर कई साल तक उस गांव में रहे और फिर नीम करौरी बाबा या बाबा नीम करौली के नाम से विख्यात हुए।

By |2018-08-11T12:58:23+00:00July 18th, 2018|Categories: Places|Tags: , , |0 Comments

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