Garjia Temple

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गर्जिया नामक शक्तिस्थल सन १९४० से पहले उपेक्षित अवस्था में था, किन्तु सन १९४० से पहले की भी अनेक दन्तश्रुतियां इस स्थान का इतिहास बताती हैं। वर्ष १९४० से पूर्व इस मन्दिर की स्थिति आज की जैसी नहीं थी, कालान्तर में इस देवी को उपटा देवी के नाम से जाना जाता था। तत्कालीन जनमानस की धारणा थी कि वर्तमान गर्जिया मंदिर जिस टीले में स्थित है, वह कोसी नदी की बाढ़ में कहीं ऊपरी क्षेत्र से बहकर आ रहा था। मंदिर को टीले के साथ बहते हुये आता देख भैरव देव द्वारा उसे रोकने के प्रयास से कहा गया- “थि रौ, बैणा थि रौ। (ठहरो, बहन ठहरो), यहां पर मेरे साथ निवास करो, तभी से गर्जिया में देवी उपटा में निवास कर रही है।

लोक मान्यता है कि वर्ष १९४० से पूर्व यह क्षेत्र भयंकर जंगलों से भरा पड़ा था, सर्वप्रथम जंगलात विभाग के तत्कालीन कर्मचारियों तथा स्थानीय छुट-पुट निवासियों द्वारा टीले पर मूर्तियों को देखा और उन्हें माता जगजननी की इस स्थान पर उपस्थिति का एहसास हुआ। एकान्त सुनसान जंगली क्षेत्र, टीले के नीचे बहते कोसी की प्रबल धारा, घास-फूस की सहायता से ऊपर टीले तक चढ़ना, जंगली जानवरों की भयंकर गर्जना के बावजूद भी भक्तजन इस स्थान पर मां के दर्शनों के लिये आने लगे।





Kaise phuche :

रामनगर तक रेल और बस सेवा उपलब्ध है, उससे आगे yani ki garijiya mandir tk phuchne, aap ranikhet/ bhikiyasen ki aur jaane wali bus se ja sakte hai, jiske liye thoda wait karna pad sakta hain ya taxi le sakte hain। रामनगर में रहने और bhojan के लिये कई achche होटल aur restaurants उपलब्ध है।

Mandir me devi sarswati, bhagwan ganesh aur batuk bharav ki murtiyo ke sath girja devi ki 4.5 feet uchi sangmarmar ki patima hai। mandir me darshn se phle shrdhalu pavitra kosi nadi me snan aadi krte hai or fr 90 sidiya chad ma ke darshn krte hai….or maa ki puja ke bad bhraw devta ki puja ki jati hai …
Mannat puri hone par shiradalu yha ganti v chatra chadate hai….

Yha ane vale sadhraluo ke lie any aarkansh ke kendra hai jim corbett national park, hanuman dham, corbett fall parytak sthal,

Garija mandir aane ka uchit samay:

Saal mai kbhi bhi mndir mai darshan karne aa skte hai par, barsaat ke mousm mai, thoda raste kharab ho jaate hai, kabhi -2 aur kosi nadi ka jalstar bad jaata hain.

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By |2018-08-11T15:19:31+00:00August 8th, 2018|Categories: Places|0 Comments

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